बताया जा रहा है कि धमकी भरे ईमेल में दिल्ली और उत्तराखंड के कई मंदिरों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों और पुलिस प्रतिष्ठानों को संभावित निशाना बताया गया है। ईमेल में कुछ राजनीतिक नेताओं का भी जिक्र होने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि अभी तक किसी हमले के समय या सटीक स्थान को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
यह अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया है, जब हाल ही में उत्तराखंड में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच तनाव देखने को मिला था। रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों का तीन दिन तक गतिरोध चला था। वे 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में स्थानीय लोगों से हुए विवाद के बाद गिरफ्तार किए गए चार निहंगों की रिहाई की मांग कर रहे थे। 23 जून को सिख प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ था।
इसके बाद 25 जून की रात पंजाब से आए निहंग सिखों के एक समूह ने हिमाचल प्रदेश से सटे देहरादून जिले की कुल्हाल सीमा के रास्ते उत्तराखंड में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन ने बातचीत के जरिए उन्हें वापस पांवटा साहिब लौटने के लिए राजी कर लिया था।
ताजा अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस, उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। प्रमुख धार्मिक स्थलों, परिवहन केंद्रों और सरकारी इमारतों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस इकाइयों को लगातार गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने धमकी वाले ईमेल की जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल की डिजिटल ट्रेल खंगाल रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह धमकी वास्तविक है या किसी की शरारत। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं और एहतियात के तौर पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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