इधर, मामले को लेकर अयोध्या में विरोध भी तेज हो गया। करीब 500 से अधिक वकील सड़क पर उतर आए और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। वकीलों ने सिविल लाइन चौकी पहुंचकर चार लोगों के खिलाफ शिकायत दी। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने दावा किया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उन मकानों की पहचान कर ली है, जिनका नक्शा स्वीकृत नहीं है या जिनमें निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ है। इनमें आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज स्थित निर्माणाधीन मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशल पुरी स्थित घर शामिल हैं। इन संपत्तियों को नोटिस जारी कर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियां भी मामले की हर कड़ी खंगाल रही हैं। पुलिस पहले ही अयोध्या जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से रविवार को करीब तीन घंटे तक पूछताछ हुई थी। अब जांच को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस विशेष रूप से आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में उनकी भूमिका की जांच करेगी।
गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया और 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। इसी दिन रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
Author: JAN TV Editorial Team
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