हिमाचल-उत्तराखंड में मानसून का कहर, भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा
(India) उत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और हिमालयी राज्यों हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डालना शुरू कर दिया है। तेज बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों और पर्यटकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली घाटी में लगातार बारिश के चलते नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदियों, झरनों और अन्य संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। लगातार खराब मौसम के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी आउटडोर गतिविधियां और यात्रा योजनाएं भी रद्द करनी पड़ रही हैं।

वहीं, उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब निचले क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे के कई इलाके और स्नान घाट जलमग्न हो गए हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बागेश्वर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

प्रशासन ने बाढ़ और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून का यह सक्रिय दौर जारी रहने की संभावना है, इसलिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Author: JAN TV Editorial Team

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