स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में हुई मौतों के पीछे कोई एक समान कारण नहीं है। उनके अनुसार, एनीमिया, उच्च रक्तचाप, प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव और कुपोषण जैसी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याएं इन मौतों की वजह बनीं।
राज्य सरकार का कहना है कि अधिकांश मृतक महिलाएं हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी की थीं और उन्हें अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से गंभीर स्थिति में रेफर कर इन अस्पतालों में लाया गया था।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार सरकारी अस्पतालों में हुई इन मौतों की जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि भीलवाड़ा में पांच और बांसवाड़ा में चार गर्भवती महिलाओं की मौत की खबर सामने आने से पहले बीकानेर और कोटा से भी ऐसे ही मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद राज्य में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।