आत्मसमर्पण करने वालों में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) का रीजनल कमेटी सदस्य संतोष महतो उर्फ बासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल है। उस पर ₹15 लाख का इनाम था और वह विभिन्न जिलों के पुलिस थानों में दर्ज 128 मामलों में वांछित था।
पुलिस के अनुसार, संतोष महतो पर एक मार्च को मनोहरपुर, छोटानागरा और जराइकेला थाना क्षेत्रों की सीमा से लगे जंगल में हुए IED विस्फोट में शामिल होने का आरोप था। इस घटना में कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हुआ था।
इसके अलावा जोनल कमेटी सदस्य चंदन लोहरा ने भी आत्मसमर्पण किया। उस पर ₹10 लाख का इनाम था और वह 78 मामलों में वांछित था। सरेंडर करने वाले समूह में दो सब-जोनल कमेटी सदस्य और दो एरिया कमेटी पदाधिकारी भी शामिल हैं।
माओवादियों ने पुलिस के सामने छह INSAS और दो AK-47 राइफल, 38 मैगजीन और 1,562 कारतूस भी सौंपे।
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इसे राज्य पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पुलिस प्रदेश से उग्रवाद और अपराध खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस के दावे के मुताबिक, झारखंड में 2026 के दौरान चलाए गए माओवादी-विरोधी अभियानों में अब तक 93 माओवादी गिरफ्तार, 45 आत्मसमर्पण और 22 मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
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