जांच में सामने आया है कि सागर सोनकर कथित तौर पर एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के स्थानीय कार्यालय से नियमित रूप से लैंडलाइन कॉल के जरिए संपर्क में था। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किस व्यक्ति के संपर्क में था और उसकी भूमिका क्या थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य सबूतों से संकेत मिले हैं कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश दिसंबर 2025 से रची जा रही थी, हालांकि विभिन्न कारणों से इसे कई बार टाला गया।
सीबीआई का आरोप है कि सागर सोनकर ने कथित तौर पर शूटरों को हत्या की सुपारी और भुगतान किया था। जांच में उसके और हमलावरों के बीच कथित संबंधों के भी पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
चंद्रनाथ रथ की 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के पास जेसोर रोड पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भवानीपुर क्षेत्र में चुनावी अभियान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सीबीआई अब तक इस मामले में छह शूटरों और तीन बिचौलियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने पश्चिम बंगाल पुलिस से यह जांच अपने हाथ में ली थी और इसके लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
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