काशी जोन के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें धार्मिक भावनाएं आहत करने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं, के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इधर, नई दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और अन्य भाजपा नेताओं ने भी संसद मार्ग थाने में शिकायत देकर मामले की जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन की आड़ में सनातन संस्कृति, संत समाज और भारतीय परंपराओं का उपहास किया गया।
दरअसल, शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर एक सांकेतिक नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें दानपात्र में पैसे डालने और जेब में रखने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसद इस प्रदर्शन में मौजूद थे।
इस घटना के बाद वाराणसी सहित कई स्थानों पर संतों और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। भोपाल में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जबकि लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन ने पप्पू यादव का प्रतीकात्मक पुतला और अंतिम यात्रा निकालकर माफी की मांग की।
मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायतों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे की जांच जारी है।
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