संसद में 17 दिन में 12 बिल पेश, 7 पास; लोकसभा में सिर्फ 36 मिनट में 7 बिल पारित
(India) संसद के मानसून सत्र के खत्म होने में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन पिछले 17 दिनों की कार्यवाही में सदन का कामकाज लगातार हंगामे और विरोध से प्रभावित रहा। इस दौरान संसद में 12 नए बिल पेश किए गए, जिनमें से 7 बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पास हो चुके हैं। खास बात यह है कि इनमें से सिर्फ 2 बिलों पर सदन में चर्चा हुई, जबकि बाकी बिल विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच पारित किए गए।

17 दिनों में लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ करीब 16 घंटे 12 मिनट चली, जबकि राज्यसभा में 28 घंटे 30 मिनट काम हुआ। अगर रोजाना 6 घंटे की कार्यवाही के हिसाब से देखें तो 17 दिनों में दोनों सदनों में करीब 102 घंटे काम होना चाहिए था। यानी तय समय के मुकाबले संसद में काफी कम कामकाज हुआ।

लोकसभा में सिर्फ 36 मिनट में 7 बिल पास कर दिए गए। यानी औसतन एक बिल को पारित करने में करीब 5 मिनट का समय लगा। हालांकि कुछ बिलों पर सांसदों की ओर से संशोधन प्रस्ताव दिए गए थे, जिसकी वजह से उन पर अपेक्षाकृत ज्यादा समय लगा।

इस पूरे सत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित प्रश्नकाल रहा। लोकसभा में प्रश्नकाल सिर्फ करीब 20 मिनट चल सका। इसका मतलब यह हुआ कि विपक्षी सांसदों को सरकार से सवाल पूछने और जवाब लेने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

18वीं लोकसभा के पिछले सत्रों में भी प्रश्नकाल के लगातार प्रभावित होने का मुद्दा सामने आया है। 2025 के मानसून सत्र में प्रश्नकाल का करीब 77 प्रतिशत समय बर्बाद हुआ था। वहीं 2026 के बजट सत्र में 12 दिनों के दौरान प्रश्नकाल कुल 15 मिनट से भी कम चला।

अब मानसून सत्र के सिर्फ दो दिन बाकी हैं। ऐसे में देखना होगा कि बचे हुए समय में संसद की कार्यवाही कितनी सुचारू रहती है और कितने लंबित विधायी काम पूरे हो पाते हैं।

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