2011 की जनगणना में कुल 29 सवाल पूछे गए थे और जाति से जुड़ी जानकारी के लिए केवल SC और ST का विकल्प था। वहीं, जनगणना-2027 के फॉर्म में जाति से संबंधित सवाल को 10वें नंबर पर रखा गया है। इसमें SC/ST के साथ सामान्य रूप से जाति की जानकारी भी मांगी जाएगी।केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। पूरी प्रक्रिया केंद्र के समन्वय से होगी और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी।
जनगणना के दौरान व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि और उम्र जैसी बुनियादी जानकारी दर्ज की जाएगी।इसके अलावा वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म और SC/ST/जाति की जानकारी भी मांगी जाएगी। माता-पिता से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।जनगणना में यह भी पूछा जाएगा कि व्यक्ति ने पिछले एक साल में काम किया है या नहीं। उसकी आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय और काम के क्षेत्र से संबंधित जानकारी भी दर्ज होगी।कामगार की श्रेणी, गैर-आर्थिक गतिविधि, रोजगार की तलाश या काम के लिए उपलब्धता और कार्यस्थल तक आने-जाने से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
इस बार लोगों से उनके जन्म स्थान और पिछले निवास स्थान के बारे में भी पूछा जाएगा। साथ ही माइग्रेशन यानी स्थान परिवर्तन का कारण और संबंधित स्थान पर रहने की अवधि दर्ज की जाएगी।व्यक्ति का स्थायी निवास पता भी जनगणना के रिकॉर्ड में शामिल होगा।महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जन्मे बच्चों की कुल संख्या और पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
जनगणना-2027 में कुछ ऐसे सवाल भी शामिल किए गए हैं, जो पिछली जनगणना से अलग हैं। लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड-19 की वैक्सीन कहां लगवाई थी।इसके अलावा मोबाइल नंबर और कुल बैंक अकाउंट की जानकारी भी मांगी जाएगी। आधार नंबर, वोटर ID, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होने से संबंधित जानकारी भी फॉर्म का हिस्सा होगी।
जनगणना-2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। लोगों को खुद अपनी जानकारी उपलब्ध कराने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी दिया जाएगा।जनगणना की प्रक्रिया Census Act, 1948 और Census Rules, 1990 के तहत पूरी की जाएगी।
केंद्र सरकार के मुताबिक, जनगणना के दौरान नागरिकों से प्राप्त व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत जनगणना से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इसे RTI के तहत भी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता और किसी अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
भारत में जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब सरकार ने जनगणना-2027 की प्रक्रिया के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।नई जनगणना में जातिगत आंकड़ों को शामिल किए जाने और डिजिटल प्रक्रिया अपनाए जाने को इस बार के सबसे बड़े बदलावों में माना जा रहा है।
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