लखीसराय में भगदड़-  7 महिलाओं की मौत, 12 से ज्यादा घायल, बिजली के तार की अफवाह से मची अफरा-तफरी
(Lakhisarai, Lakhisarai) बिहार के लखीसराय में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। अशोकधाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले रास्ते पर हुई इस घटना में 7 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया है।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लाइन अशोकधाम स्टेशन तक पहुंच गई थी। इसी दौरान वहां दो ट्रेनें आकर रुकीं और पुरुषों की लाइन की तरफ एक पोल गिर गया।पोल गिरने के बाद भीड़ में यह अफवाह फैल गई कि बिजली की चालू लाइन का तार लोगों के ऊपर गिर गया है। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक वह बिजली का तार नहीं बल्कि डिश या इंटरनेट से जुड़ा केबल वायर था।अफवाह के बाद पुरुषों की तरफ से भीड़ का दबाव महिलाओं की लाइन की ओर बढ़ गया। इससे भगदड़ जैसी स्थिति बनी और कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं।


डीएम ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें सुबह करीब 3 बजे से ही मौके पर मौजूद थीं। इसके बावजूद अचानक महज दो मिनट के भीतर हालात बिगड़ गए।प्रत्यक्षदर्शी एक श्रद्धालु के मुताबिक, काफी भीड़ थी। पोल गिरने और करंट लगने की बात फैलते ही लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े।

प्रशासन के मुताबिक, अब तक चार मृतकों की पहचान की जा चुकी है। इनमें लखीसराय की मधुबाला देवी, मनमाला देवी और हेमलता देवी तथा मुंगेर की रिंकू देवी शामिल हैं।हादसे में घायल हुए लोगों में लखीसराय की मौसम कुमारी, मुस्कान कुमारी, ममता देवी, रीना कुमारी और शिवानी कुमारी के नाम सामने आए हैं। पटना के मोकामा की विमला देवी और बाढ़ की कबीला देवी भी घायलों में शामिल हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।घटना के बाद मुंगेर के डीआईजी और कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारी सदर अस्पताल में भी मौजूद हैं।

हादसे के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मौके पर व्यवस्था संभाली। बाद में श्रद्धालुओं ने फिर से मंदिर में जलाभिषेक शुरू कर दिया।

प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, पोल गिरने के बाद फैली करंट की अफवाह और भीड़ के दबाव ने हादसे को गंभीर रूप दे दिया।

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।