सावन सोमवार के कारण तारापीठ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। इनमें से कई लोग मंदिर के पास स्थित होटल में ठहरे हुए थे। हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब ज्यादातर लोग अपने कमरों में सो रहे थे।
जानकारी के अनुसार, होटल की पहली मंजिल पर अचानक आग लगी और देखते ही देखते धुआं आसपास के हिस्सों में फैल गया। घटना के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला।बताया जा रहा है कि होटल का पिछला दरवाजा बंद था। इसके कारण अंदर फंसे लोगों के लिए तुरंत सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। बाद में आग पर काबू पा लिया गया।
आग की चपेट में आए घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। नौ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद कई परिवार अपने साथ आए लोगों की तलाश कर रहे हैं। दक्षिण 24 परगना से आई एक महिला ने बताया कि वह रविवार दोपहर अपनी मां और बच्चों के साथ पूजा करने तारापीठ पहुंची थी। हादसे के बाद उसकी मां और दो बच्चों का पता नहीं चल पा रहा था।
हादसे में सुरक्षित बची कोलकाता की एक महिला ने बताया कि आग लगने के बाद अचानक पूरे होटल में धुआं फैल गया था। सांस लेने में परेशानी होने लगी और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना मुश्किल हो गया।आग और घने धुएं के कारण होटल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
शुरुआती जानकारी में AC के शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया गया है। इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी होने पर तारों में करंट अचानक बढ़ सकता है। इससे वायरिंग का इंसुलेशन ज्यादा गर्म होकर खराब हो सकता है।ऐसी स्थिति में चिंगारी निकलने और आसपास मौजूद ज्वलनशील सामग्री के आग पकड़ने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तारापीठ पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित मां तारा का प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और सावन जैसे धार्मिक अवसरों पर भीड़ काफी बढ़ जाती है।
मंदिर के नजदीक प्रसिद्ध तारापीठ महाश्मशान भी स्थित है, जिसका संबंध तांत्रिक साधना की पुरानी परंपरा से रहा है। तारापीठ को प्रसिद्ध तांत्रिक साधक और मां तारा के भक्त बामाखेपा से भी जोड़ा जाता है। यहां उनकी समाधि और स्मृति मंदिर भी मौजूद है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां होटल में लगी आग की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं। हादसे के बाद होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास जैसे पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
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