प्रयागराज में अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर स्वरूप रानी नेहरू मंडलीय चिकित्सालय का नाम बदलने समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 13वें दिन स्थगित कर दिया गया। शासन की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक और क्रांतिकारी शहीदों के वंशज डॉ. कलाम राणा से वार्ता की। इसके बाद उन्होंने बलिदान स्थल पर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलनकारियों की मांगों पर शासन स्तर से कार्रवाई का भरोसा दिया।आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग स्वरूप रानी नेहरू मंडलीय चिकित्सालय का नाम बदलकर ‘अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चिकित्सालय’ करने की है।इसके साथ ही अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसित करने की मांग भी रखी गई है।
आंदोलनकारियों ने मंडलीय चिकित्सालय के पास स्थित सिविल लाइंस चौराहे का नाम बदलकर ‘अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चौराहा’ करने की मांग की है।इसके अलावा ठाकुर रोशन सिंह पार्क और उनकी प्रतिमा स्थल के संरक्षण, वहां मौजूद ऐतिहासिक त्रुटियों को ठीक करने और स्मारक की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी शामिल है।प्रतिमा स्थल पर CCTV कैमरे लगाने और निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी शासन के सामने रखी गई है।
आंदोलनकारियों ने 19 दिसंबर 2026 से शुरू होने वाले ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान शताब्दी वर्ष के अवसर पर राजकीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की है।इसके साथ ही कार्यक्रम में शस्त्र सलामी देने की मांग भी रखी गई है।
आठ सूत्रीय मांगों में ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट और उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की मांग भी शामिल है।आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय इतिहास और अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के योगदान के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
आंदोलनकारियों ने मलाका जेल के इतिहास से जुड़े अभिलेखीय दस्तावेजों के आधार पर एक शोध ग्रंथ प्रकाशित करने की मांग भी की है।उनका कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों और दस्तावेजों को संरक्षित कर उनके प्रमाणिक इतिहास को सामने लाया जाना जरूरी है।
धरना स्थल पर शासन के प्रतिनिधि के रूप में सिद्धार्थनाथ सिंह के पहुंचने और मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने 13वें दिन अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया।
धरने के संयोजक डॉ. अवनीश सिंह ने आंदोलन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
हालांकि, आंदोलनकारियों की नजर अब शासन की ओर से आठ सूत्रीय मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर है। मांगों को लेकर आगे की स्थिति शासन के फैसलों और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
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