जानकारी के मुताबिक, NCC का माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट सोमवार सुबह करीब 9 बजे हैंगर से बाहर निकला था। विमान उड़ान भरने की तैयारी के तहत टैक्सी कर रहा था।विमान को एक विंग कमांडर संचालित कर रहे थे और उनके साथ एक NCC कैडेट फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए मौजूद था। इसी दौरान एयरपोर्ट परिसर में ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी इंडोथाई का एक वाहन भी आवाजाही कर रहा था।दोनों की मूवमेंट के दौरान वाहन विमान से टकरा गया। टक्कर के बाद विमान क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विमान और ग्राउंड वाहन को सुरक्षित किया गया और संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।क्षतिग्रस्त माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट को तकनीकी जांच के बाद ही दोबारा उड़ान के लिए इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।हादसे के बाद एयरपोर्ट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (AOCC) और ग्राउंड व्हीकल मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
एयरपोर्ट के एप्रन क्षेत्र में विमान और ग्राउंड वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा नियमों और आपसी समन्वय का विशेष महत्व होता है। प्रारंभिक तौर पर ग्राउंड वाहन की मूवमेंट में संभावित चूक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट की टैक्सी मूवमेंट और ग्राउंड वाहन की आवाजाही किस प्रक्रिया के तहत हुई।इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि दोनों की गतिविधियों के बीच जरूरी कम्युनिकेशन और सेफ्टी कोऑर्डिनेशन मौजूद था या नहीं और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
NCC कैडेट्स की फ्लाइंग ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट की सुरक्षा को देखते हुए इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। तकनीकी और परिचालन जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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