गृह विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए SIT की रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट को ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में रखा जाएगा।
दरअसल, चढ़ावे की नकदी में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने राज्य सरकार से SIT जांच कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद 13 जून को सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था।
इस SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की थी। इसमें आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार सदस्य बनाए गए थे। SIT ने 23 जून को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 8 लोगों पर FIR
पहली SIT की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसमें आठ लोगों को नामजद किया गया था।
आरोपी बनाए गए अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
70 बार नकदी छिपाकर ले जाने का दावा
प्रारंभिक जांच में गिनती कक्ष से नकदी चोरी की बात सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच की CCTV फुटेज में करीब 70 बार कर्मचारियों द्वारा नकदी छिपाकर ले जाने की गतिविधियां दर्ज होने की बात कही गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट और SBI की संयुक्त कार्यप्रणाली का पालन नहीं किया गया था। गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की नियमित तलाशी भी नहीं होती थी।
दूसरी SIT कर रही जांच
हालांकि, मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 20 जुलाई को दूसरी SIT का गठन किया गया। इसमें आईजी लखनऊ रेंज किरण एस, डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या SSP गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच की कमान IPS अधिकारी को देने के साथ ही SIT में फाइनेंस एक्सपर्ट को शामिल करने का भी निर्देश दिया था।
पहली SIT की रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने के बाद अब दूसरी SIT की जांच और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है।
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