सरकार के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, जबकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच पीएफएमएस के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
इस फैसले से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग समेत सभी पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। खास तौर पर वे छात्र-छात्राएं राहत पा सकेंगे, जो पात्र होने के बावजूद तकनीकी खामियों या प्रक्रियागत कारणों से पिछले सत्र में छात्रवृत्ति नहीं प्राप्त कर सके थे।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से कुल 3,16,057 छात्र-छात्राएं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे।
इनमें:
31,836 विद्यार्थी शासकीय संस्थानों के हैं।
37,795 विद्यार्थी शासकीय सहायता प्राप्त संस्थानों के हैं।
2,46,426 विद्यार्थी निजी संस्थानों के हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभावित विद्यार्थी निजी संस्थानों से हैं। सरकार के इस फैसले से इन छात्रों के लिए छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता फिर खुल गया है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक समस्या या तकनीकी बाधा के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार विद्यार्थियों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है। छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोलने का निर्णय इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार के मुताबिक, छात्रवृत्ति की राशि पीएफएमएस के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ राशि के वितरण की निगरानी भी सुनिश्चित होगी।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।