पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बैंक मैनेजर दिव्या मिश्रा तलाक के मामले में अपने पति मानस वाजपेयी से करीब डेढ़ करोड़ रुपये गुजारा-भत्ता (एलिमनी) मांग रही थीं।
18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में तलाक मामले की सुनवाई हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच एलिमनी को लेकर विवाद हुआ। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद मानस काफी तनाव में आ गया और उसने खौफनाक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।हालांकि, मामले की पूरी जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि मानस ने वारदात से पहले पत्नी की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब दो दिन तक दिव्या की रेकी की और तीन असलहे खरीदे।गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे मानस ऑटो से पत्नी दिव्या के ICICI बैंक पहुंचा। वहां उसने दिव्या को फोन कर बाहर बुलाया।
बताया जा रहा है कि बैंक के बाहर दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मानस ने कथित तौर पर दिव्या के चेहरे पर करीब से गोली मार दी।
यह पूरी घटना बैंक के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। वारदात के बाद मानस मौके से ऑटो से फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, मानस करीब 2 किलोमीटर दूर अपने घर पहुंचा। उसने कमरे का दरवाजा बंद किया और टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चला दी।इसके बाद उसने अपनी बहन शीबा के सिर में गोली मारी और फिर खुद की कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।दिव्या मिश्रा की शादी मानस वाजपेयी से करीब 9 साल पहले हुई थी। दोनों ने लव मैरिज की थी।
परिवार और पुलिस जांच के मुताबिक, समय के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ता गया। दिव्या की बहन और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने आरोप लगाया है कि मानस का व्यवहार ठीक नहीं था और वह उससे दूरी बनाकर रहती थीं।प्रज्ञा ने अपने जीजा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अब इन आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
लखनऊ पुलिस अब CCTV फुटेज, हथियारों की खरीद, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्याकांड की वास्तविक वजह और पूरी साजिश की तस्वीर साफ हो सकेगी।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।