गुजरात से उठा गैस मूल्य पर पहला विरोध, कंपनी ने मांगी ऊंची दर
(India) सरकार द्वारा 18 अक्तूबर को गैस मूल्य में बढ़ोतरी के फैसले की घोषणा के कुछ दिन बाद गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कार्प (जीएसपीसी) ने पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखा और बंगाल की खाड़ी में उत्पादन के लिए तैयार दीन दयाल (पश्चिम) क्षेत्र के लिए बाजार निर्धारित दर की मांग की। सरकार ने गैस मूल्य 4.2 डालर प्रति इकाई से बढ़ाकर 5.61 डालर प्रति इकाई करने की घोषणा की है। कंपनी ने पत्र में कहा, ‘उत्पादन लागत (जिसमें उत्खनन, विकास और उत्पादन लागत शामिल है) से कम कीमत पर गैस बेचकर जीएसपीसी को ऐसा नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।’ गुजरात सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ने पिछले साल एक बाजार फार्मूला तय किया था जिसके तहत कच्चे तेल की मौजूदा कीमत 80 डालर प्रति बैरल के आधार पर मूल्य करीब 10.5 डालर प्रति एमएमबीटीयू (10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट) बैठती है। भारत में बहुत अधिक प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं और ज्यादातर भंडार बहुत गहरे पानी, गहरे समुद्र और उच्च दबाव - उच्च ताप वाले क्षेत्रो में है जहां खोज के बाद गैस क्षेत्र के विकास के लिए उल्लेखनीय पूंजी निवेश की जरूरत होती है। जीएसपीसी ने कहा, ‘कंपनी ने इस आधार पर इन क्षेत्रों में बहुत पूंजी लगाई है कि उसे बाजार निर्धारित मूल्य पर प्राकृतिक गैस का विपणन करने की स्वतंत्रता होगी जो नेल्प अनुबंध की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।’ जीएसपीसी को नयी उत्खनन लाइसेंस नीति (नेल्प) के तीसरे दौर में यह गैस क्षेत्र मिला था जो 2003 में भाजपा नीत राजग सरकार ने पेश किया था। गैस क्षेत्र की खोज 2005-06 में की गई थी।

Digital Desk: Shiv Kishor

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