कोटक महिंद्रा में होगा आइएनजी वैश्य बैंक का विलय
(India)
देश के चैथे सबसे बड़े निजी बैंक कोटक महिंद्रा में मध्यम आकार वाले आइएनजी वैश्य बैंक का विलय होगा। इस सबसे बड़े बैंकिंग विलय सौदे की घोषणा बृहस्पतिवार को हुई। करीब 15,000 करोड़ रुपये मूल्य का यह सौदा शेयर अदला-बदली के जरिये पूरा होगा। यानी कोई नकदी का लेनदेन नहीं होगा। नए बैंकों के प्रवेश से पहले यह सौदा कोटक महिंद्रा की स्थिति को मजबूत करेगा। बैंकिंग क्षेत्र में इससे पहले 2010 में कोई विलय एवं अधिग्रहण सौदा हुआ था। तब आइसीआइसीआइ में बैंक ऑफ राजस्थान का विलय हुआ था। ताजा विलय सौदे से कोटक महिंद्रा करीब एक लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाला बैंक बन जाएगा। इसके तहत होने वाला लेनदेन दोनों बैंकों के शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा। साथ ही रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्वीकृति की भी जरूरत होगी। कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और वाइस चेयरमैन उदय कोटक ने ट्वीट किया, श्मंजूरियों के अधीन कोटक महिंद्रा और आइएनजी वैश्य बैंक के विलय की घोषणा करते हुए मैं बेहद उत्साहित हूं।श् सौदा पूरा होने पर आइएनजी वैश्य की शाखाएं और सभी 10,000 कर्मचारी उदय कोटक के नेतृत्व वाले कोटक महिंद्रा बैंक का हिस्सा बन जाएंगे। कोटक महिंद्रा बैंक को इसका लाभ मिलेगा। खासकर दक्षिण भारत में बैंक का दायरा बढ़ेगा।

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