मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि ‘मोर तरिया, आय का जरिया’ योजना के तहत पंचायतों में तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इन तालाबों का उपयोग केवल पानी के लिए ही नहीं, बल्कि मत्स्य पालन और बतख पालन जैसे कार्यों के जरिए आय बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, 15 अप्रैल तक 13,000 से अधिक डबरी (छोटे जलस्रोत) बनाए जा चुके हैं, जो इस अभियान की तेज रफ्तार को दर्शाता है। यह कार्य विभिन्न ग्रामीण योजनाओं के माध्यम से कराया जा रहा है।
Raipur जिले के गांवों में इस योजना का असर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय सरपंच प्रतिनिधियों के मुताबिक, तालाब निर्माण से गांव के लोगों को रोजगार मिला है और भविष्य में इसके किनारे सब्जी उत्पादन व अन्य गतिविधियों से आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
इस अभियान की एक खास बात महिलाओं की भागीदारी है। स्वयं सहायता समूहों को इससे जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, ग्राम सभाओं और डिजिटल माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब निर्माण से न केवल खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि रोजगार के अवसर भी मिले हैं।
‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि गांवों में बदलाव और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत पहल बन चुका है।
Author: JAN TV Editorial Team
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