अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर शुरू की गई इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। इस पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलेट्स कार्ट और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें।
योजना के अंतर्गत महिलाओं को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जहां उन्हें कोदो, कुटकी और रागी जैसे ‘श्री अन्न’ से विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाना सिखाया जाता है। इसके बाद वे इन उत्पादों को अपने कार्ट के माध्यम से बेचकर आय अर्जित कर रही हैं।
राज्य में अब तक 50 से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं की आय और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ा रही है।
इन कार्ट्स पर रागी डोसा, कोदो इडली, ज्वार उपमा और मिलेट्स कुकीज़ जैसे पौष्टिक व्यंजन उपलब्ध हैं। इस योजना से जुड़ी महिलाएं प्रतिदिन लगभग 500 से 1500 रुपये तक कमा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
लाभार्थियों का कहना है कि पहले वे केवल गृहिणी थीं, लेकिन अब हर महीने 15,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन रही हैं।
‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ पहल ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को एक नई पहचान दी है। यह योजना न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि समाज में एक प्रेरणा के रूप में भी उभर रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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