किसान किशोरभाई पटेल ने अपने पांच एकड़ खेत को गोलाकार रूप में विकसित किया है। इसके केंद्र में केले के पौधे लगाए गए हैं, जबकि चारों ओर अलग-अलग प्रकार की फसलें क्रमवार तरीके से उगाई जाती हैं।
पहले घेरे में गाजर, मूली, चुकंदर और शकरकंद जैसी जड़ वाली फसलें, दूसरे घेरे में पालक, मेथी और धनिया जैसी पत्तेदार सब्जियां, और तीसरे घेरे में टमाटर, बैंगन, मिर्च और पत्तागोभी जैसी फसलें लगाई जाती हैं। सबसे बाहरी हिस्से में मक्का और बेल वाली फसलें उगाई जाती हैं, जबकि खेत की सुंदरता बढ़ाने के लिए किनारों पर फूलों की खेती की जाती है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता जल संरक्षण है। इस मॉडल में महीने में केवल दो बार सिंचाई की आवश्यकता होती है, जिससे पानी की भारी बचत होती है। इसके साथ ही किसान ने लगभग 10 लाख लीटर क्षमता का तालाब भी बनाया है, जिससे पूरे वर्ष खेती संभव हो पाती है।
यह नवाचार न केवल बेहतर उत्पादन दे रहा है, बल्कि अन्य किसानों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। सीमित संसाधनों में अधिक उत्पादन की दिशा में यह मॉडल ग्रामीण कृषि के लिए एक नई राह दिखा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।