गंगा एक्सप्रेसवे से यूपी में विकास को नई रफ्तार, कारोबार और निवेश के खुले नए रास्ते
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) Uttar Pradesh में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकास को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में गंगा एक्सप्रेसवे राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास का बड़ा आधार बनकर सामने आया है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की मौजूदगी में इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में विकास और विरासत दोनों का संतुलन दिखाई देता है।

करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6 लेन एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराता है।

मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट उद्योग, कृषि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रामीण सड़कों का 4 लाख किलोमीटर का नेटवर्क तैयार हो रहा है, जो विकास की नई तस्वीर पेश करता है।

स्थानीय लोगों और ट्रक चालकों का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय कम हुआ है और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से परिवहन लागत में कमी आएगी और इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के जरिए निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

Author: JAN TV Editorial Team

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