जैसलमेर की गर्मी में राहत देता है ‘पीलू’, रेगिस्तान का अंगूर बना जीवनरक्षक
(Jaisalmer, Jaisalmer) राजस्थान के जैसलमेर में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों के लिए ‘पीलू’ फल किसी प्राकृतिक वरदान से कम नहीं है। रेगिस्तान में उगने वाले जाल पेड़ पर लगने वाला यह जंगली फल लोगों को गर्मी और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है।

स्थानीय लोग पीलू को ‘रेगिस्तान का अंगूर’ कहते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह फल शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ लू और पानी की कमी से होने वाली परेशानियों से भी राहत देता है।

जैसलमेर के गांवों में लोग पीढ़ियों से पीलू का सेवन करते आ रहे हैं। स्थानीय परंपरा और अनुभव के अनुसार इस फल में कई स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं। गर्मियों के मौसम में ग्रामीण इसे पेड़ों से तोड़कर खाते हैं और सालभर इस्तेमाल के लिए इसे सुखाकर भी रखते हैं।

रेगिस्तान के कठिन मौसम में जहां पानी की कमी आम बात है, वहां पीलू लोगों के लिए प्राकृतिक ऊर्जा और पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि तेज गर्मी के दौरान यह फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और गर्मी से राहत दिलाता है। यही वजह है कि जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों में पीलू आज भी लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बना हुआ है।

Author: JAN TV Editorial Team

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