गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडलों के संयुक्त खरीफ उत्पादकता सेमिनार-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज नहीं मिलते थे, खेती की लागत बढ़ रही थी, उत्पादकता घट रही थी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ भी पर्याप्त रूप से नहीं मिल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए राहत और आपदा प्रबंधन की व्यवस्था भी कमजोर थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों से कृषि क्षेत्र मजबूत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर लगभग 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज खाद्यान्न उत्पादन, चीनी, एथेनॉल, आलू, सब्जियों और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने इसका श्रेय किसानों की मेहनत और नई कृषि तकनीकों को अपनाने को दिया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अपील करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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