सहस्त्रधारा में फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, मानसून से पहले बढ़ी चिंता
(Dehradun, Dehradun) षण तबाही की यादें स्थानीय लोगों और पर्यटकों को फिर से चिंता में डाल रही हैं।

सहस्त्रधारा अपने हरे-भरे पहाड़ों और झरनों के लिए जाना जाता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन पिछले वर्ष 16 सितंबर को बादल फटने और भारी बारिश के कारण बलदी नदी में अचानक आई बाढ़ ने इस इलाके में भारी तबाही मचाई थी। नदी किनारे बनी दुकानें और होटल जलमग्न हो गए थे, कई लोगों की जान चली गई थी और करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।

स्थानीय लोगों का मानना है कि नदी किनारे हुए अतिक्रमण और अनियंत्रित निर्माण कार्य ने इस आपदा के प्रभाव को और बढ़ा दिया था। अब एक बार फिर बलदी नदी के आसपास नए निर्माण कार्यों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, शुरुआती चेतावनी प्रणाली और निर्माण पर सख्त नियंत्रण बेहद जरूरी है ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न दोहराई जाए। कई लोगों ने सुझाव दिया कि जोखिम वाले मौसम में पर्यटकों की आवाजाही पर भी रोक लगाई जानी चाहिए।

इस बीच प्रशासन का कहना है कि निगरानी बढ़ा दी गई है और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर एसडीएम स्तर पर निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन पिछले साल की त्रासदी से सबक लेते हुए इस बार मानसून से पहले पर्याप्त तैयारियां कर पाया है या नहीं।

Author: JAN TV Editorial Team

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