मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी वयस्क को आधार कार्ड जारी करने के लिए जिला आयुक्त को राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजना होगा। राज्य सरकार जांच के बाद तय करेगी कि संबंधित व्यक्ति आधार कार्ड पाने का पात्र है या नहीं।
हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य में अधिकांश पात्र लोगों को पहले ही आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। कुछ जिलों में आधार कवरेज 100 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है, जिससे अतिरिक्त आधार कार्ड बनवाने वालों की पहचान को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक को आधार कार्ड प्राप्त करने से रोकने के लिए उठाया गया है। हालांकि चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजाति के लोगों को फिलहाल आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे, क्योंकि इनमें से कई लोग अब तक इससे वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2027 से यह छूट भी समाप्त हो जाएगी और उस तारीख के बाद इन समुदायों के 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भी नया आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।
सरमा ने कहा कि राज्य सरकार आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह सतर्क है और इसे अवैध घुसपैठ रोकने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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