राम मंदिर चढ़ावा जांच में 150 संदिग्धों के नाम, चंपत राय पर कार्रवाई के संकेत
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में अब तक करीब 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर बाहर न जाने की चेतावनी भी दी गई है।

शनिवार को जांच के छठे दिन SIT एक बार फिर राम मंदिर परिसर पहुंची। माना जा रहा है कि जांच पूरी करने के बाद टीम आज ही लखनऊ लौटेगी और सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। दोनों को उनके पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी जिम्मेदारी से हटाने पर विचार किया जा रहा है।

शुक्रवार को SIT ने मंदिर परिसर में करीब छह घंटे तक जांच की थी। इस दौरान चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से अलग-अलग पूछताछ की गई। टीम ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मैनेजर और कैशियर से भी चढ़ावे की राशि और बैंकिंग प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे।

SIT मंदिर कर्मचारी और गोपाल राव के भतीजे सोमेश आनंद से भी पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके। सूत्रों के अनुसार, उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।

अब तक की जांच में पांच आरोपियों—लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू—की निशानदेही पर लगभग 2 करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े बताए गए हैं। 13 जून को कर्मचारी रामशंकर उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था, हालांकि उसकी मात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई थी, जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की थी।

विवाद बढ़ने पर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों से इनकार किया था। वहीं, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की थी। इसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी।

Author: JAN TV Editorial Team

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