कोलकाता गोदाम हादसा: मौत का आंकड़ा 10 पहुंचा, सेना के हाईटेक रडार से मलबे में तलाश जारी
(Kolkata, Kolkata) कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने के हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। हादसे के 21 घंटे बाद भी राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए सेना का आधुनिक ग्राउंड-पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) सिस्टम, विशेष कैमरे और मोबाइल टावर डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह मलबे से पांच और लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिसके बाद अब तक बचाए गए लोगों की संख्या 30 हो गई है। वहीं 19 घायलों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

मृतकों में कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), अजगर हुसैन (55), साहिल सरदार (17) और घी कुमार (17) की पहचान हो चुकी है, जबकि दो अन्य शवों की पहचान की जा रही है।

राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और सेना की निगरानी में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। GPR सिस्टम मलबे के नीचे हलचल और जीवन के संकेतों का पता लगाने में मदद कर रहा है, जिससे बचाव दल को सटीक स्थान पर खुदाई करने में आसानी हो रही है।

हादसे के मामले में पुलिस ने गोदाम मालिक शंभूनाथ बेहरा, स्ट्रक्चरल इंजीनियर कमल सामंत, सुपरवाइजर गुलजार हुसैन, लेबर सप्लायर दिवाकर भंडारी और अब्दुल हामिद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गोदाम निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी या नहीं और किन लापरवाहियों के चलते यह बड़ा हादसा हुआ।

Author: JAN TV Editorial Team

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