पुलिस के अनुसार, जगन गुर्जर की हत्या उसी बैरक में बंद एक अन्य कैदी ने कथित तौर पर तौलिये से गला घोंटकर की। अधिकारियों का कहना है कि दोनों कैदियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतक के चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि जेल के भीतर हुई इस घटना ने परिवार को झकझोर दिया है। उनका कहना है कि अब अजमेर जेल में बंद जगन के छोटे भाई पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है, इसलिए उसे तुरंत धौलपुर जेल स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के दौरान जेल के सीसीटीवी कैमरे और लाइटें कैसे बंद हो गईं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केवल सीबीआई ही कर सकती है, ताकि यह पता चल सके कि हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
जगन गुर्जर राजस्थान के धौलपुर जिले का रहने वाला था और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, डकैती, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों समेत करीब 100 आपराधिक मामले दर्ज थे। उसने 1994 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था, जबकि पहली बार वर्ष 2001 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद वह कई बार गिरफ्तार हुआ और कई मामलों में जमानत पर भी बाहर आया।
जगन गुर्जर लंबे समय तक राजस्थान और मध्य प्रदेश की चंबल घाटी में सक्रिय रहा, जो कभी डकैतों के गढ़ के रूप में कुख्यात रही है। पुलिस के मुताबिक उसकी तीन पत्नियां हैं, जिनमें से एक उसके आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल थी और मध्य प्रदेश में कई वर्ष पहले पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुई थी।
अब इस हाई-प्रोफाइल जेल हत्या मामले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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