परिवार का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। महिला के पति ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में देरी इस दुखद घटना की बड़ी वजह बनी।
वहीं, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. डी.जे. मोहंती ने बताया कि नाइगांव निवासी रजनी सिंगाराम को गर्भावस्था के सातवें महीने में प्रसव पीड़ा शुरू होने पर पहले निजी वाहन से घुथास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
अधिकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही महिला ने ऑटो-रिक्शा में चार बच्चों को जन्म दिया। चारों नवजातों में तीन लड़कियां और एक लड़का था।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी बच्चों का जन्म समय से पहले हुआ था और उनका वजन लगभग 1.5 किलोग्राम था। समयपूर्व जन्म और कम वजन के कारण चारों नवजातों की मौत हो गई।
फिलहाल महिला को बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
Author: JAN TV Editorial Team
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