धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही उन्होंने जिला कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी मंदिर प्रबंधन समिति का नियमित ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए हर तीन महीने में ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से दान की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी तैयार की जा रही है, ताकि दान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सके।
उधर, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगे आरोपों के बीच आगर मालवा जिला प्रशासन ने मंगलवार को नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में एक गैर-सरकारी एजेंसी द्वारा नकद और सोने-चांदी के गहनों के रूप में दान लेने की शिकायतों की जांच के आदेश दिए हैं।
आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण, रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस मामले में किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही।
वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंदिरों में दान प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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