छिंदवाड़ा जेल में कैदी बना रहे पक्षियों के आशियाने, रोजगार और सम्मान की नई उम्मीद
(Chhindwara, Chhindwara) पक्षी आजादी के प्रतीक माने जाते हैं। इसी सोच के साथ मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला जेल प्रशासन ने एक अनूठी पहल शुरू की है। जेल में सजा काट रहे कैदियों को सुधार कार्यक्रम के तहत पक्षियों के लिए आशियाना और दाना-पानी रखने के बर्तन बनाने के काम से जोड़ा गया है।

कैदी वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए बर्ड हाउस और बर्ड फीडर तैयार कर रहे हैं। उनका मानना है कि जैसे इंसानों के लिए घर जरूरी है, वैसे ही पक्षियों के लिए भी सुरक्षित जगह होनी चाहिए।

कैदी गणेश तमुल्कर ने बताया कि जेल अधीक्षक की प्रेरणा से उन्होंने पक्षियों के लिए घर बनाने का काम शुरू किया, ताकि पक्षियों को सहारा मिल सके और लोगों में भी पक्षी संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़े।

इन बर्ड हाउस की खासियत यह है कि हर किट में एक क्यूआर कोड दिया गया है। इसे स्कैन कर लोग जान सकते हैं कि बर्ड हाउस को घर या बगीचे में कहां और कैसे लगाया जाए। साथ ही अलग-अलग पक्षी प्रजातियों के लिए सही दाने और देखभाल की जानकारी भी मिलती है।

जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने बताया कि सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक 300 रुपये की कीमत में इन बर्ड हाउस को खरीद सकते हैं। इससे पक्षी संरक्षण के साथ-साथ कैदियों के पुनर्वास अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैदी चैन सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि गर्मियों में पक्षियों को पानी और बारिश के दौरान छिपने की जगह की कमी होती है। इसी समस्या को देखते हुए बर्ड हाउस बनाने का काम शुरू किया गया है।

जेल प्रशासन के अनुसार, इन बर्ड हाउस की बिक्री से लागत निकालने के बाद बची राशि का एक हिस्सा कैदियों को मेहनताना के रूप में दिया जाएगा। इससे उनके परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी और जेल से बाहर आने के बाद आत्मनिर्भर जीवन की नई राह भी तैयार होगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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