घाट किनारे दुकान चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि पिछले तीन दिनों में गंगा का जलस्तर करीब पांच से सात फुट तक बढ़ गया है। इसके चलते घाट पर लगी दुकानें और फुटपाथ पर कारोबार करने वाले लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों पर रखे तख्त और अन्य सामान भी हटाने पड़ रहे हैं।
बाढ़ का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी दिखाई दे रहा है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से प्रयागराज पढ़ने आने वाले कई छात्रों को जलभराव और आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान निचले इलाकों के निवासी इसी तरह की परेशानी झेलते हैं और प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद करते हैं।
प्रशासन ने बताया कि गंगा और यमुना के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पहाड़ी और ऊपरी क्षेत्रों में जारी मानसूनी बारिश को देखते हुए नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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