मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बताया कि झोलुंगे के समरडुंग क्षेत्र में भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन एडीआईटी-3 सुरंग अचानक ढह गई। हादसे के समय परियोजना अधिकारियों समेत 25 लोग सुरंग के भीतर मौजूद थे।
नामची की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनम डी. भूटिया ने बताया कि अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव दलों ने 12 शव बरामद किए हैं, जिनमें से सात की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की भी घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर बचाव कार्यों की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बचाव अभियान में सिक्किम पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसएसडीएमए, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, जिला प्रशासन तथा अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से लगी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग के भीतर गैस के रिसाव के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। जहरीली गैस की वजह से कुछ बचावकर्मियों की तबीयत भी बिगड़ी है।
मुख्य सचिव रवींद्र तेलंग ने नामची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सभी एजेंसियों को बचाव कार्य तेज करने, मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने और अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इस बीच, सिक्किम विधानसभा में हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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