स्वामी परमानंद गिरि ने कहा कि न्यास में खाली पड़े पदों को भरना आवश्यक है और अन्य मुद्दों पर भी बैठक के दौरान चर्चा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी नाम पर औपचारिक चर्चा नहीं हुई है और सभी निर्णय बैठक में विचार-विमर्श के बाद लिए जाएंगे।
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि न्यास पहले मौजूदा विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का इंतजार करेगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। नई एसआईटी गठित करने के सुझाव पर उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान एसआईटी पर भरोसा नहीं किया जाएगा तो दूसरी एसआईटी बनाने से भी कोई विशेष अंतर नहीं पड़ेगा।
स्वामी परमानंद गिरि ने बताया कि पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को न्यास पहले ही स्वीकार कर चुका है। वहीं, एक अन्य ट्रस्टी के इस्तीफे की खबरों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के एजेंडे में नए महासचिव की नियुक्ति, तीन रिक्त ट्रस्टी पदों को भरना, राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना तथा कथित चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी एसआईटी रिपोर्ट पर चर्चा भी शामिल हो सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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