शहर के दुकानदारों ने कांवड़ियों की मांग को देखते हुए भगवा टी-शर्ट, पटके, झंडे और बैनर सहित विभिन्न धार्मिक उत्पादों का स्टॉक तैयार कर लिया है। इस बार कई उत्पादों को आकर्षक बनाने के लिए AI से तैयार की गई तस्वीरों और डिजाइनों का भी इस्तेमाल किया गया है।
इन बाजारों में केवल कांवड़ यात्री ही खरीदारी के लिए नहीं पहुंचते, बल्कि आसपास के शहरों और कस्बों के खुदरा व्यापारी भी यहां से थोक में धार्मिक सामग्री खरीदकर ले जाते हैं। उत्पादों की गुणवत्ता और लोकप्रियता के कारण यात्रा के दौरान इनकी मांग काफी बढ़ जाती है।
खास बात यह है कि कांवड़ यात्रा के लिए तैयार होने वाले कई उत्पादों के निर्माण में मुस्लिम कारीगर भी शामिल हैं, जो वर्षों से इस काम से जुड़े हुए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली मांग से दुकानदारों के साथ कारीगरों को भी अतिरिक्त रोजगार मिलता है।
हर साल लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होकर पवित्र नदियों से जल लेकर अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस साल कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी।
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