घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर कई घंटे तक जाम लगा रहा। पटना-फतुहा, बख्तियारपुर और बिहटा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भीड़ ने एक पुलिस चेक पोस्ट में आग लगा दी, जबकि दूसरे पोस्ट पर तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। पुलिसकर्मियों का सामान भी लूट लिया गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड को भी भीड़ ने कुछ समय तक आग बुझाने से रोक दिया।
मृतक मनीष पटना में फ्लेक्स लगाने का काम करता था और रोज अपने गांव से शहर आता-जाता था। वह परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के लिए नौ थानों की पुलिस और अतिरिक्त बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
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