कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु गलता तीर्थ से पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ को जल अर्पित किया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पंचामृत एवं जल से अभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प, धतूरा सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की। इसके बाद भगवान शिव की आरती कर सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की गई।
मंदिर एवं विकास समिति के अध्यक्ष सुरेश वर्मा ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व है। कांवड़ यात्रा हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से धार्मिक परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं और समाज में आपसी भाईचारा, एकता एवं सद्भाव मजबूत होता है।
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