पहला एमओयू इन्वेस्ट यूपी और जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर (टीटीआरसी) के बीच हुआ। उत्तर प्रदेश की ओर से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने समझौते का प्रतिनिधित्व किया, जबकि जापानी पक्ष की ओर से जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर सुचकी कमाडा ने भाग लिया। कार्यक्रम में बताया गया कि टीटीआरसी के प्रयासों से अब तक उत्तर प्रदेश के 100 से अधिक युवाओं को जापान में रोजगार हासिल हो चुका है।
इन युवाओं के लिए जापान में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर जापान में रोजगार हासिल करने वाले उत्तर प्रदेश के दो युवाओं पुष्पेंद्र सिंह चौहान और आदर्श कुमार कुशवाहा को मंच पर आमंत्रित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उनकी सफलता को जापान और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते कौशल एवं रोजगार संबंधों का उदाहरण बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जापान में रोजगार हासिल करने वाले युवाओं और टीटीआरसी के प्रयासों का तालियों से उत्साहवर्धन किया।
दूसरा एमओयू उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच हुआ। इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटकों की आवाजाही को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन क्षेत्र में बेहतर और निरंतर जुड़ाव विकसित करना है। उत्तर प्रदेश की ओर से पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और जापान की ओर से यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं खेल विभाग के डायरेक्टर जनरल योशी यूकी कोजुमी ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।
समझौते के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के पर्यटन संसाधनों और संभावनाओं को एक-दूसरे के सामने प्रस्तुत करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा पर्यटन क्षेत्र में निरंतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का आधार तैयार हुआ है। इससे उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक, बौद्ध, सांस्कृतिक और हेरिटेज पर्यटन को जापानी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
तीसरा एमओयू उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच हुआ। इसका उद्देश्य जापानी भाषा में दक्ष वर्कफोर्स की निरंतर आपूर्ति के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश की ओर से श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शनमुखा सुंदरम ने एमओयू का प्रतिनिधित्व किया, जबकि जापानी पक्ष की ओर से यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के डायरेक्टर जनरल, इनोवेशन प्रमोशन ब्यूरो, कत्सुया हादा ने भाग लिया।
समझौते के तहत जापानी भाषा में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए जापान में रोजगार के नए अवसर खुलने के साथ जापानी कंपनियों की प्रशिक्षित और भाषा-दक्ष वर्कफोर्स की जरूरत को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
इन तीनों एमओयू के जरिए उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच रोजगार, कौशल विकास, पर्यटन और मानव संसाधन के क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर मिलने, पर्यटन संबंधों को मजबूत करने और जापानी भाषा में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
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