यूपी राइज से युवाओं को नई उड़ान, 1700 छात्रों ने दिखाए स्टार्टअप आइडिया
(Lucknow, Lucknow) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में 'यूपी राइज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कानपुर और आसपास के क्षेत्रों से 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है।

कार्यक्रम में युवाओं को योगी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और रोजगारपरक नीतियों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया। छात्रों को बताया गया कि आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्राप्त कर वे अपना स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में नए और ऊर्जावान उद्यमियों को तैयार करना है।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता छात्रों द्वारा प्रस्तुत बिजनेस मॉडल और स्टार्टअप आइडिया रहे। आयोजन के लिए कुल 30 आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें से 10 बेहतरीन आइडिया को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 12 चयनित टीमों ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और जूरी मेंबर्स के सामने अपने इनोवेटिव आइडिया की प्रस्तुति दी। विशेषज्ञों ने युवाओं की रचनात्मक सोच की सराहना की और विजेताओं को प्रोत्साहन राशि देकर उनका उत्साह बढ़ाया।

टीम जॉयलिशियस ने प्रथम स्थान हासिल कर 25 हजार रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। टीम आयनप्राइम को द्वितीय स्थान के लिए 15 हजार रुपये और टीम कायरो को तृतीय स्थान के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। टीम मेडियोटेक रनर-अप रही।

कानपुर से शुरू हुआ 'यूपी राइज' अभियान अब प्रदेश के 29 अन्य प्रमुख कॉलेजों तक ले जाया जाएगा। इसके माध्यम से प्रतिभाशाली छात्रों को बड़ी और नामी कंपनियों में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। चयनित टीमों ने कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में टीम दिव्यकेयर ने 10 मिनट में घर पर नर्स, डॉक्टर, दवाइयां और लैब टेस्ट जैसी हेल्थकेयर सेवाएं उपलब्ध कराने का मॉडल पेश किया। टीम समर्पण ने छात्रों के लिए एआई आधारित मल्टीप्लेयर लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया। टीम कायरो ने युवाओं के लिए डिजिटल टेक सॉल्यूशन और टीम मेडबिड ने फार्मेसी के लिए रिवर्स ऑक्शन आधारित दवा खरीद सिस्टम पेश किया।

टीम फाइनट्यूनर्स ने सैलून की कतार से बचाने के लिए 'हेयरकार्ट' ऐप बनाया, जबकि टीम जेनहेर ने महिलाओं के लिए पीरियड साइकिल ट्रैकिंग टूल और टीम कोडरवा ने छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन टेक सपोर्ट देने की सेवा प्रस्तुत की। पुरस्कार विजेता टीम आयनप्राइम ने बिना लाइन में लगे तुरंत प्रिंटआउट निकालने वाला 'सेल्फ प्रिंटिंग कियोस्क' पेश किया।

टीम वर्चुअललैब ने 11वीं-12वीं और कॉलेज छात्रों के लिए 'वर्चुअल केमिस्ट्री लैब' का मॉडल तैयार किया। टीम कॉस्मोलिथ ने छोटे अस्पतालों के मरीजों का डेटाबेस और रिकॉर्ड मैनेज करने के लिए 'हेल्थ ओएस' प्लेटफॉर्म बनाया। टीम इकोकार्बन ने चाय की पत्तियों और केले के छिलकों से ऑर्गेनिक कार्बन फिल्टर बनाने का पर्यावरण अनुकूल विचार दिया।

विजेता टीम जॉयलिशियस ने भारतीय मिठाइयों और वेस्टर्न फ्लेवर्स के मिश्रण से नए 'फ्यूजन डेजर्ट्स' पेश किए। वहीं रनर-अप टीम मेडियोटेक ने अस्पतालों में मरीजों को एक बेड या स्ट्रेचर से दूसरे स्थान पर आसानी से शिफ्ट करने के लिए मोटराइज्ड कन्वेयर-बेस्ड सिस्टम का ढांचा प्रस्तुत किया।

'यूपी राइज' के जरिए सरकार का जोर युवाओं को आइडिया से स्टार्टअप और स्टार्टअप से रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाने पर है। अभियान के अगले चरण में प्रदेश के 29 अन्य कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने और रोजगार व उद्यमिता के अवसर हासिल करने का मंच मिल सके।

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