टिकट दावेदारों को चार स्तर की प्रक्रिया से गुजरना होगा। पहले चरण में सर्वे एजेंसी संभावित दावेदारों की लोकप्रियता, स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता और चुनाव जीतने की संभावना को लेकर फीडबैक जुटाएगी। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि संबंधित दावेदार की अपने वार्ड में स्वीकार्यता कितनी है और उसके पक्ष में स्थानीय समीकरण किस तरह के हैं।
दूसरे चरण में स्थानीय चुनाव प्रभारी और संगठन से जुड़े पदाधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें वार्ड के स्थानीय समीकरण, जातीय और सामाजिक समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं के बीच दावेदार की स्थिति और जनता के बीच उसकी पकड़ जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।
तीसरे चरण में पार्टी प्रभारी और पर्यवेक्षक मैदान में उतरेंगे। ये नेता स्थानीय स्तर से मिले फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दावेदारों की स्थिति का आकलन करेंगे। उनकी रिपोर्ट को टिकट चयन की प्रक्रिया में अहम माना जा रहा है।
चौथे और अंतिम चरण में प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति सभी रिपोर्ट पर मंथन करेगी। सर्वे एजेंसी, स्थानीय संगठन और प्रभारी-पर्यवेक्षकों से मिले फीडबैक को सामने रखते हुए समिति प्रत्याशियों के नाम पर आखिरी फैसला लेगी।
बीजेपी के लिए निकाय चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन चुनावों में वार्ड स्तर के स्थानीय समीकरण सीधे तौर पर चुनाव परिणाम को प्रभावित करते हैं। ऐसे में पार्टी केवल बड़े नेताओं की लोकप्रियता के आधार पर टिकट देने के बजाय स्थानीय स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों की तलाश कर रही है।
पर्यवेक्षक संबंधित निकाय में पार्टी के संभावित दावेदारों, स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि किस दावेदार का संगठन में प्रभाव है, जनता के बीच उसकी स्थिति कैसी है और वह पार्टी के वोट को जीत में बदलने की क्षमता रखता है या नहीं।
अब सभी की नजर प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति के गठन पर है। समिति के गठन के बाद निकाय चुनाव के लिए टिकट चयन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।
पार्टी पहले सर्वे और स्थानीय फीडबैक के जरिए संभावित नामों का पैनल तैयार करेगी, फिर प्रभारी और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद आखिरी फैसला चुनाव चयन समिति करेगी।
ऐसे में निकाय चुनाव में बीजेपी का टिकट पाने के लिए दावेदारों को सर्वे से लेकर स्थानीय रिपोर्ट और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट तक चार स्तर की परीक्षा से गुजरना होगा। इसके बाद ही पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी सामने आएगा।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।