पान मसाला पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, 15.70 करोड़ का संदिग्ध माल जब्त; 4 इकाइयों पर कार्रवाई
(Lucknow, Lucknow) खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने कानपुर नगर और लखनऊ में पान मसाला निर्माण इकाइयों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर 15.70 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 339.69 क्विंटल संदिग्ध खाद्य सामग्री और अपमिश्रक जब्त किए हैं। अभियान के दौरान 92 नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि 36.15 क्विंटल गुणवत्ताहीन सामग्री नष्ट कराई गई।

55 पान मसाला निर्माण इकाइयों की जांच

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब के निर्देशन में 52 खाद्य सचल दलों को अभियान में लगाया गया। कानपुर और लखनऊ में कुल 55 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें 19 इकाइयां क्रियाशील और 36 इकाइयां बंद मिलीं।

बंद इकाइयों की भी जांच की गई। जहां पान मसाला निर्माण के लाइसेंस की आड़ में अन्य कारोबार संचालित किए जाने की जानकारी मिली, वहां कारण बताओ नोटिस जारी कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कानपुर में 15 करोड़ से अधिक की सामग्री जब्त

अपर आयुक्त (प्रशासन) रेखा एस. चौहान के नेतृत्व में कानपुर नगर की 41 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें 12 इकाइयां कार्यशील और 29 गैर-कार्यशील मिलीं।

ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज प्रा.लि. (एसएनके ब्रांड) की इकाई में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 10 नमूने लिए गए और करीब 13.5 करोड़ रुपये की खाद्य सामग्री सीज की गई। इकाई का लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार बंद कराया गया।

पूरे अभियान में कानपुर की 7 इकाइयों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की खाद्य सामग्री और अपमिश्रक जब्त किए गए। इनमें अकेले एसएनके ब्रांड की इकाई से करीब 13 करोड़ रुपये की जब्ती हुई।

तंबाकू-पान मसाला साथ बनाने पर लाइसेंस निलंबित

राधा रानी फ्रेगरेंस में एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित कर परिसर सील कर दिया गया। यहां से 72 हजार रुपये की सुपारी भी जब्त की गई।

अभियान में कुल चार इकाइयों में तंबाकू और पान मसाला का निर्माण एक ही परिसर में पाया गया। ऐसी इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने के साथ निर्माण कार्य बंद कराने की कार्रवाई की जा रही है।

लखनऊ में भी कई इकाइयों पर कार्रवाई

लखनऊ में राज किशोर सन्स 1972 प्रा.लि. (आरके ब्रांड), शिमला द बालाजी स्पेशल फ्लेवर्स प्रा.लि. (कायम ब्रांड), केवीएन एफएमसीजी प्रा.लि. (कमला पसंद एवं राजश्री ब्रांड), सत्य नारायण केशो राम प्रा.लि. (कलश ब्रांड), गोमती इंडस्ट्रीज प्रा.लि. और शिमला गोमती पान प्रोडक्ट्स प्रा.लि. समेत कई इकाइयों की जांच की गई।

गोमती इंडस्ट्रीज से करीब 59.38 लाख रुपये मूल्य की 12,307.4 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। वहीं कायम ब्रांड की इकाई से करीब 38.54 लाख रुपये की सामग्री और केवीएन एफएमसीजी से करीब 18.44 लाख रुपये का कत्था पाउडर जब्त किया गया।

हानिकारक अपमिश्रकों पर भी कार्रवाई

अभियान के दौरान चार इकाइयों में औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर, लिक्विड पैराफिन और प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी जैसी सामग्री पाई गई। विभाग ने संबंधित सामग्री को जब्त अथवा नष्ट कराने के साथ लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा 10 इकाइयों में हाइजीन, सेनेटरी व्यवस्था और अन्य कमियां मिलने पर सुधार सूचना नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई जारी

विभाग के अनुसार, तंबाकू और पान मसाला का एक ही परिसर में निर्माण खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय एवं प्रतिषेध) विनियम, 2011 के प्रावधानों के विपरीत है। ऐसी इकाइयों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन, निर्माण बंद कराने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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