अब तक 258 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें 92 गांवों में आबादी और कृषि दोनों प्रभावित हैं। 27 गांवों में कटान, 75 गांवों में जलभराव से आबादी प्रभावित, 91 गांवों में केवल कृषि प्रभावित और 26 गांवों में संपर्क मार्ग कटने की स्थिति दर्ज की गई है। वहीं 157 गांवों में राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
1.45 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्र की करीब 1.45 लाख आबादी बाढ़ और जलभराव से प्रभावित है। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। 1,274 गांवों से संबंधित लोगों को बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाया गया है। वहीं 1,905 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया और 13,611 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था
मानव आबादी के साथ पशुधन की सुरक्षा पर भी प्रशासन का फोकस है। रिपोर्ट के अनुसार 15,561 पशु प्रभावित हुए हैं। इनके लिए पशु शिविर, उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। अब तक 544 पशुओं का उपचार, 12,695 पशुओं का टीकाकरण और 22,636 क्विंटल भूसे का वितरण किया गया है।
200 करोड़ रुपये से अधिक का फसल क्षति अनुदान
बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रदेश में 17,428.01 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसमें 8,452.88 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि, 3,903.16 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र और 62 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र शामिल है। फसल क्षति के लिए 200.31 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
राहत-बचाव में 1,599 नावें और 621 मोटरबोट
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए 1,599 नावें और 621 मोटरबोट लगाई गई हैं। इसके अलावा 1,315 स्थानीय गोताखोर, 12 एनडीआरएफ टीमें, 9 एसडीआरएफ टीमें और 7 पीएसी टीमें तैनात हैं। 6,032 खोज-बचाव वाहनों की भी व्यवस्था की गई है।
राहत सामग्री और मेडिकल टीमों की व्यवस्था
प्रशासन की ओर से 28,126 खाद्यान्न सामग्री पैकेट, 17,424 डिग्निटी किट, 22,883.5 मीटर तिरपाल, 1,28,576 लीटर पीने का पानी, 35,153 ओआरएस पैकेट और 69,834 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए गए हैं।
वहीं राहत एवं स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत 1,560 कम्युनिटी किचन/लंगर और 762 मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 566 एंटी-स्नेक वेनम की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशिक्षित आपदा मित्र भी मोर्चे पर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर राहत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12,687 राहत चौपालें लगाई गई हैं। प्रदेश में 6,704 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है, जो प्रभावित लोगों तक राहत और सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।
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