आर्थिक सुधारों की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट ने बुधवार को कोल और इंश्योरेंस सुधार के अध्यादेशों को मंजूरी दे दी। सरकार ने यह कदम इन दो महत्वपूर्ण सुधारों के लिए संसदीय मंजूरी पाने की कोशिशों के दौरान विपक्ष के विरोधी तेवर अपनाए जाने के बाद उठाया है। इन अध्यादेशों को मंजूरी देने के पीछे सरकार का उद्देश्य इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने और कोयला खदानों की नीलामी की प्रक्रिया के लिए रास्ता तैयार करने का है। सरकार की कोशिश इन अध्यादेशों को शीतकालीन सत्र में ही पास कराने की थी लेकिन शीतकालीन सेशन के आखिरी दिन मंगलवार को भी संसद में कुछ खास कामकाज नहीं हो सका और लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार दरअसल इस कदम से संकेत देना चाहती है कि वह रिफॉर्म अजेंडा को आगे बढ़ाने का मजबूत इरादा रखती है। इससे पहले इसी महीने कैबिनेट ने संसद की एक समिति की ओर से सुझाए गए बदलावों को शामिल करते हुए इंश्योरेंस अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी थी। कैबिनेट को उम्मीद थी कि यह बिल राज्यसभा में पास हो जाएगा।
Digital Desk: Kamal
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