बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत होने पर देश में 7 से 8 अरब डालर (करीब 50,000 करोड़ रुपए) का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आने की संभावना है जिससे बीमा क्षेत्र को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा। निजी बीमा क्षेत्र में कुल 35,000 करोड़ रुपए की पूंजी लगी है जिसमें 26 प्रतिशत एफडीआई के तौर पर करीब 8,700 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश है। धर्मांतरण के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से राज्य सभा में बीमा कानून संशोधन विधेयक, 2008 पर चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि विधेयक को सदन की प्रवर समिति मंजूरी दे चुकी है। सरकार ने राज्य सभा में विधेयक पेश नहीं होने देने में बाधा पहुंचाने के लिए राजनीतिक अवरोध की नति को जिम्मेदार ठहराया। उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रितक गठबंधन को बहुमत नहीं है। देश में इस समय 52 बीमा कंपनियां काम कर रही हैं जिनमें से 24 जीवन बीमा और 28 साधारण बीमा कारोबार में हैं। इसके अलावा जीआईसी देश की इकलौती पुनर्बीमा कंपनी है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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