केंद्र सरकार देश में कारोबार करने की राह आसान करने के लिए अगले तीन महीनों में कई बदलाव करने वाली है। सरकार चाहती है कि मौजूदा फाइनैंशल इयर के अंत तक यह व्यवस्था हो जाए कि कंपनियों का रजिस्ट्रेशन एक दिन में हो सके, इन्वाइरनमेंट क्लियरेंस ऑनलाइन मिले और एयरपोर्ट जोन के बाहर कंस्ट्रक्शन सरकार की इजाजत के बिना किया जा सके। इस तेजी की जरूरत बिजनस करने की आसानी के पैमाने पर वर्ल्ड बैंक की ग्लोबल रैंकिंग में भारत के 142वें स्थान से समझी जा सकती है। 189 देशों की लिस्ट में भारत पिछले साल से भी दो पायदान नीचे चला गया है। सरकार चाहती है कि नई कंपनियां खोलने और डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर (क्प्छ) के लिए ई-बिज पोर्टल के जरिये दिए गए ऐप्लिकेशंस में खुद ब खुद परमानेंट अकाउंट नंबर (च्।छ) भी दर्ज हो जाए। इस तरह एक परमिशन लेने की जरूरत कम हो जाएगी। 31 मार्च तक यह इंतजाम करने की तैयारी भी है कि एक से दूसरे राज्य में माल लाने-ले जाने के लिए कम दस्तावेजों की जरूरत पड़े, 12 घंट से कम वक्त में माल को क्लियर कर दिया जाए और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बना दी जाएं।
Digital Desk: Kamal
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