(India)
विश्व बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने से इस समय इसपर काफी कम लागत आयेगी। एसोचैम द्वारा तैयार दस्तावेज के मुताबिक, ‘भारत के लिये पिछले कई दशकों में यह बेहतर मौका है जब वह कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार को तीन महीने की खपत से भी अधिक समय के लिये बढ़ाया जा सकता है।’ दस्तावेज के अनुसार मई 2014 के मुकाबले नवंबर 2014 में देश के कच्चे तेल के आयात बिल में तीन अरब डालर मासिक की कमी आई है। इन छह महीनों के दौरान कच्चे तेल की आयात बास्केट का दाम 106 डालर प्रति बैरल से घटकर 60 डालर प्रति बैरल रह गया है। ऐसे में मौजूदा दाम पर कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार बनाना 40 प्रतिशत सस्ता पड़ेगा।एसोचैम दस्तावेज में इस मामले में सचेत भी किया गया है। इसमें कहा गया है कि कच्चे तेल के सस्ते दाम का लाभ उठाने के लिये बुनियादी ढांचा खड़ा करना जरूरी है, जिसमें समय लगेगा। ‘आज यदि नई भंडारण सुविधा का निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो कोई नहीं जानता कि जब तक यह तैयार होगी तब तक दाम कहां होंगे, फिर भी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिये।’
Digital Desk: Shiv Kishor
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