केंद्र सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए विदेशी बैंक खातों का विस्तृत विवरण देना अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय कर्मियों को अब अपनी संपत्ति और जिम्मेदारियों के साथ ही जीवनसाथी व आश्रित बच्चों की संपत्तियों के अलावा उनके विदेशी खातों की जानकारी भी देनी होगी। लोकपाल अधिनियम के तहत अधिसूचित नए कानूनों के अनुसार विदेशी बैंक खातों का अलग-अलग विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इस सिलसिले में नया फॉर्म जारी कर दिया है। हालांकि, कर्मचारियों द्वारा दी गई जानकारी सार्वजनिक की जाएगी अथवा नहीं, सरकार इसपर अभी विचार ही कर रही है। चल संपत्तियों, बीमा, शेयर, बांड और म्युचुअल फंड आदि में दो लाख रुपये से अधिक के निवेश के बारे में अलग-अलग बताना होगा। पहले इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये की थी। दो लाख रुपये से कम के निवेश की जानकारी एक साथ दी जा सकती है। कर्मचारियों से पुरानी वस्तुओं, पेंटिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जानकारी मांगी जा रही है।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।