राजकोषीय संतुलन बनाने में जुटी केंद्र सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है। इस बार उत्पाद शुल्क में दो-दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। पिछले दो महीने के भीतर तीसरी बार शुल्क में वृद्धि की गई है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि ढांचागत विकास के लिए शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, मगर हकीकत यह है कि इस शुल्क वृद्धि से जनता को पेट्रोल-डीजल कीमत में राहत नहीं मिल पाई है। अगर नवंबर, 2014 के बाद से देखे तो गैर ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क की दर 1.20 रुपये बढ़कर 6.95 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी प्रकार डीजल पर उत्पाद शुल्क की दर 1.46 से बढ़कर 5.96 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यानी पेट्रोल पर शुल्क 5.75 रुपये और डीजल पर 4.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया जा चुका है। अगर उक्त शुल्क वृद्धि नहीं की जाती तो पेट्रोल और डीजल की कीमत इतनी ही कम हुई होती।
Digital Desk: Kamal
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