केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मानें तो देश में शुरू हुए इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम (ई-टोल) से 88 हजार करोड़ रुपये की सालाना बचत होगी। ई-टोल प्रणाली मुंबई-दिल्ली रूट के 350 टोल नाकों में से 140 पर शुरू हो चुकी है। गडकरी ने बताया कि देश के टोल नाकों पर वाहनों के रुकने से हर साल साठ हजार करोड़ का ईंधन बर्बाद होता है। यदि वहां लगने वाले वक्त का मूल्य इसमें जोड़ दिया जाए तो यह नुकसान 88 हजार करोड़ बैठता है। यह जानकारी उन्होंने भारतीय परिवहन निगम और आइआइएम कोलकाता की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर दी। गडकरी ने कहा कि देशभर में ई-टोल प्रणाली शुरू होने पर उक्त राशि बर्बाद होने से बचाई जा सकेगी।
Digital Desk: Kamal
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